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vikram
जन्म 21 जून 2006
मृत्यु 21 जून 2066
अंतर्मुखी
“आपको इस किताब में,, मैं मिलूंगा।”
मैं एक जादूगर, माइंड रीडर, हिप्नोटिस्ट, ड्रॉइंग आर्टिस्ट…और अब एक किताब लेखक, …?
में समय हु
मैं तुम्हारा आज का दिन ! एक काल्पनिक काल न शुरुआत मेरा अंत हे न अंत मेरी शुरुआत ! मैं जन्मा तुम्हारे जन्म से पहले मैं मरूंगा तुम्हारे मरने के बाद ! मैं ही तुम्हारा अतीत बना मैं ही तुम्हारा भविष्य बनूंगा पर वर्तमान नहीं ! तुम सोचते हो तुम जी रहे हो पर ले जा रहा हूँ मौत की तरफ पर सच से अंजान हो क्योंकि मैंने ही पैदा किया मैं ही मार दूंगा ! मैं ही तुम्हारा जन्म हूं मैं ही तुम्हारी मौत ! तुम जो अभी बैठकर मुझे पढ़ रहे हो… जो वक्त तुम्हें लग रहा है, वह मैं ही हूँ। में तुम्हें तुम्हारे ही बीते हुए कल से मिलवाता हूँ।तो चले आज से कुछ साल पीछे जब मुझे तुम्हारे लिए बनाया गया…. मेरे विक्रम ने
महत्वपूर्ण बिंदु
आगे पढ़ने के लिए…..…“to be continued”
में समय हु
आप का आज का दिन,
मैं यह साबित कर सकता हूं ,कि आप मूर्ख हैं ।आज और अभी देखो ,क्या भगवान है? यदि हां ,पर यह तो आप ने माना हुआ है। इसका मतलब क्या भगवान नहीं है? पर यह भी तो आप ने माना हुआ है ।पर यह दोनों ही मन की मान्यताएं है।मैंने तो आप के दोनों रास्ते बंद कर दिए । अब आप क्या करोगे ?
अब मैं यह भी साबित कर सकता हूं । आप मरे हुए भी हैं
आपके पिता कहते हैं मैं तेरा पिता हूं, अपने मान लेते हो।
आपकी मां कहती है मैं तेरी मां हूं, आप मान लेते हो।
आपका भाई कहता है मैं तेरा भाई हूं, आप मान लेते हो।
आपकी बहन कहती मैं तेरी बहन हूं, आप मान लेते हो।
आप इस जाति के हैं और आप ने मान लिया। आप का यह धर्म है, आप ने यह भी मान लिया।
साबित कर दिया ना, कि आप सब मरे हुए हैं।आप तो बच्चे थे, आपको कैसे पता कि यह सब मेरे हैं।चल छोड़ो,,,अब मैं यह भी साबित कर सकता हूं कि आप है ही नहीं……………….? अब आपने यह लिखा भी मान लिया ना, क्या पता यह सब भी झूठ लिखा हो।
देखो, आपके मम्मी-पापा को उनके, मम्मी-पापा ने कहा वह भी मान गए। फिर उनको उनके मम्मी-पापा ने कहा और वह भी मान गए।फिर उनको उनके मम्मी-पापा ने कहा और वह भी मान गए।फिर उनको उनके मम्मी-पापा ने कहा और वह भी मान गए।………………………………………………………………………..To be cantinued